bunch of banana fruits

जानें केला के फायदे- केले से इलाज – सुंदरता के लिए केला(Benefits of banana)

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Photo by Kio on Pexels.com

 

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केला भारत में आसानी से पाया जाने वाला फल है, जो कि हर क्षेत्र में सहजता से मिल जाता है। इस लेख में हम केला खाने के फायदे क्या-क्या हैं और केला में कौन-कौन से पोषक तत्व पाये जातेे हैंं इसके बारे में पढ़ेेगेें।

 

केला एक ऐसा फल है, जो बाजार में अन्य सभी फलों के मुकाबले बहुत ही सस्ते भाव एवं सहजता से उपलब्ध रहता है और इसमें मानव शरीर के लिए जरूरी लगभग सभी पोषक तत्व विद्यमान रहते हैं। तभी तो केला को एक Multivitamins fruit भी कहा जाता है।

 

इसमें विटामिन A, B, C, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, आयरन एवं जिंक प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं, जो कि शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए अति आवश्यक होते हैं।

 

हम मनुष्यों की प्रवृति होती है, कि जो चीज सस्ती एवं सुलभता से उपलब्ध हो जाती है, हमलोग उस वस्तु के महत्व को जल्द ही नजर अंदाज करना शुरू कर देते हैं। ठीक यही बात केले के साथ भी करते हैं, इसलिए इस फल से होने वाले फायदे को हमलोग नजर अंदाज कर देते हैं और महंगे फल और महंगे हेल्थ प्रोडक्टस के पीछे भागते हैं। जबकि प्रतिदिन केला खाने के फायदे ये हैं, कि यह व्यक्ति को स्वस्थ एवं रोगमुक्त रखता है और हमें महंगे -महंगे हेल्थ प्रोडक्टस के पीछे भागने की नौबत ही न आयेगी।

 

यह एक ऐसा फल है जिसे छोटे शिशु से लेकर बृद्ध तक सभी खा सकते हैं। अगर आप प्रतिदिन केला खाते हैं तो आपको निम्नलिखित केला खाने के फायदे प्राप्त होते हैं।

u003cstrongu003eu003cspan class=u0022has-inline-color has-vivid-cyan-blue-coloru0022u003eविषय सुची:- u003c/spanu003eu003c/strongu003e

 

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कब्ज में लाभकारी – Beneficial in Constipation.

 

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केला पेट के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह भोजन को आसानी से पचाता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है। इसमें रेसिस्टेंट स्टार्च और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं । फाइबर भोजन को पचाने का कार्य करता है और पेट को साफ कर कब्ज से मुक्ति दिलाता है।

 

दस्त में लाभकारी – Beneficial in Dysentery.

 

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अगर किसी को दस्त की समस्या है या फिर बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है तो उसे नियमित रुप से केला खाने का फायदा यह है, कि उसे इस समस्या से निजात मिलेगा। दस्त होने पर केले को दही के साथ खाने से दस्त की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।

 

उच्च रक्तचाप (High B.P) को संतुलित रखता है।

 

Blood pressure

 

नियमित रुप से केले का सेवन रक्तचाप (Blood pressure) को संतुलित बनाये रखने का कार्य करता है। यदि कोई व्यक्ति अपने रक्तचाप को संतुलित बनाये रखना चाहता है या फिर उच्च रक्तचाप से ग्रसित है तो उसे शीघ्र ही प्रतिदिन कम से कम दो केला खाने की आदत डाल ही लेनी चाहिए। क्योंकि रक्तचाप को संतुलित रखने के लिए पोटैशियम की आवश्यक्ता होती है और केला में पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। पोटैशियम हृदय के दीवारों को आराम पहुँचाकर उच्चरक्तचाप से निजात दिलाता है। देखें

 

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हृदय को स्वस्थ रखता है – Keep hearts healthy.

 

healthy heart

 

हृदय रोग से ग्रसित व्यक्ति जिन्हें heart stroke का खतरा हो, उनके लिए भी केला खाने का फायदा है। केेला मेंं भरपूर मात्रा मेें पाये जाने वाला पोटैशियम, गाढ़े रक्त को पतला कर हृदय के धमनियोंं मेंं रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है एवं हृृदय आघात (heart stroke) से बचाता है। देखेंं

 

याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है – Enhances memory power.

 

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केला खाने का फायदा – केले का सेवन याददाश्त बढ़ाने मेें बहुत ही लाभकारी माना जाता है, क्योंकि केेला में विटामिन B6 एवं मैग्नीशियम पाया जाता है। एक शोध मेें यह पाया गया है, कि जो लोग विटामिन B6 से समृद्ध खाद्य पदार्थ लेेते हैैं उनकी याददाश्त B6 न लेने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा तेज होती है।

 

हड्डियों को मजबूत बनाता है – For strengthen Bones.

 

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केला का सेवन हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम की जरुरत होती है। केला में कैल्शियम एवं मैग्नीशियम दोनों ही प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है तथा मैग्नीशियम एक ऐसा खास पोषक तत्व है जो हड्डियों के विकास में सहायक होता है और यह शरीर के अंदर कैल्शियम के प्रवाह में भी मदद करता है।

 

अतः नियमित रुप से केला खाने का फायदा यह भी है कि यह हड्डियों केे विकास एवं मजबूती मेें लाभप्रद होता है।

 

बार-बार यूरिन आने में लाभकारी- Beneficial in frequent urination.

 

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अक्सर देखा जाता है, कि कुछ लोगों को बार-बार यूरिन जाने की शिकायत होती है। यह बीमारी पानी कम पीने से, यूरीनल ट्रैक्ट इंफेक्शन, प्रोटेस्ट ग्रंथी के बढ़ने से या फिर मूत्रासय की अत्यधिक सक्रियता के कारण होती है। ऐसे लोगों के लिए केले का सेवन बहुत ही लाभप्रद होता है। इसके लिए पका हुआ केला को मैश कर देशी घी में मिलाकर खाने से कुछ ही दिनों में यह शिकायत दूर हो जाती है।

 

एनिमिया के उपचार में लाभकारी- Beneficial in Anemia.

 

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एनिमिया यानी कि शरीर में रक्त की कमी हो जाना और यह बीमारी शरीर में आयरन (लौह तत्व ) की कमी से होता है। इस बीमारी की वजह से शरीर कमजोर एवं पीला पड़ने लगता है। इस बीमारी में केला खाने का फायदा बहुत ही प्रभावी ढंग से होता है। क्योंकि केला आयरन का भंडार होता है, इसमें प्रचूूर रूप में आयरन पाया जाता है। अतः पके हुए केलेे का नियमित सेेेवन करने से एनिमिया बीमारी को ठीक कर शरीर को स्वस्थ बनाता है।

 

आँखों की रौशनी बढ़ाता है – Enhances eyesight.

 

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आजकल अक्सर देखा जाता है, कि बहुत से लोगों को काफी कम उम्र में ही चश्मे की आवश्यक्ता पड़ने लगती है। जो लोग अपने खान-पान में विटामिन A युक्त पोषक तत्व शामिल नहीं करते हैं, उनकी आँखों की रौशनी जल्द ही कमजोर पड़ जाती है। विटामिन A की कमी से आँखों की रौशनी कमजोर पड़ जाती है और एवं रतौंधी होने का संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए विटामिन A युक्त खाद्य पदार्थ को दैनिक आहार में शामिल करने की आवश्यक्ता होती है।

 

केला में भी विटामिन A का एक अच्छा श्रोत है, इसमें विटामिन A काफी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जो रेटिना में पिगमेंट को बढ़ाता है, साथ ही इसमें फोलेट भी होता है। इसके नियमित सेवन से आँखों की रौशनी बढ़ती है एवं विटामिन की कमी को पूरा कर रतौंधी जैसी बीमारी को दूर किया जा सकता है।

 

मासिक चक्र के लिए- For menstrual cycle.

 

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अक्सर अधिकांश महिलाओं को मासिक चक्र के समय बदन दर्द और कमर में अकड़न की समस्या होने लगती है, ऐसी समस्या शरीर में पोटैशियम की कमी हो जाने पर होती है। ऐसे में केले का सेवन हितकारी होता है। उन दिनों में इसका सेवन मासिक धर्म क्रिया को आसान बनाकर उन्हें इस तरह के दर्द और परेशानी से मुक्ती देने का काम करता है। पोटैशियम उनके पेेेट में होनेे वाले ऐठन से राहत दिलाता है।

 

साथ ही साथ केला में विटामिन B6 एवं मैग्निशियम भी पाया जाता है। विटामिन B6 मासिक धर्म को सरल बनाने में मदद करता है एवं इसमें पाये जाने वाला मैग्निशियम थकान में मांसपेेशियों को रिलेेेक्स करता है। अतः केला खाने का फायदा महिलााओं के असमान्य दिनों में बहुुत ही प्रभावी एवं लाभकारी होता हैै।

 

प्रिगनेंसी के दौरान कमजोरी में लाभकारी – Beneficial in pregnancy

 

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माँ बनना किसी भी शादी-शुदा महिला के लिए बहुत ही सौभाग्य की बात होती है। लेकिन प्रिग्नेंसी के दौरान महिलाओं के स्वास्थ मे तरह-तरह के बदलाव देखने को मिलता है और इस दौरान उनहें कई प्रकार के छोटी-छोटी बीमारियों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में जच्चा और बच्चा दोनों के लिए काफी हेल्दी और खास न्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है।

 

प्रिग्नेंसी में केला खाने का फायदा क्या हैै इसकी विस्तृत जानकारी हम शेयर करने जा रहे हैैं। जी हाँ प्रिग्नेंसी के दौरान केेेला खाने के फायदे ही फायदे हैं

 

केला में विटामिन B पाया जाता है, विशेष रूप से विटामिन B6 पाया जाता है, जो मॉर्निंग सिकनेस एवं मतली यानी कि उल्टी आना, चक्कर आना, मानसिक तनाव होना, मन चिंतित होना ऐसेे मेें विटामिन B6 काफी लाभदायक होता है। मॉर्निंंग सिकनेस को दूर करने के लिए दैनिक आहार में 2 केलेे को शामिल किया जा सकता है।

 

प्रिग्नेंसी के दौरान जच्चा(माँ) को आयरन की कमी होने लगती है। ऐसे में केले में प्रचुर मात्रा में मौजूद आयरन इस कमी को दूर करता है। अगर एनिमिया की शिकायत कुछ ज्यादा हो तो डॉक्टर से सलाह अवश्य ही लें।

 

फोलिक एसिड – केला में फोलिक एसिड पाया जाता है, जो गर्भ मेें पल रहे शिशु के विकास केे लिए अत्यंत ही आवश्यक होता है। प्रिग्नेंट महिला को अपने दैैनिक आहार मेें फोलिक एसिड यूक्त खाद्य पदार्थ का सेवन अवश्य ही करना चहिए। इसके लिए केला को दैैैनिक आहार में शामिल कियाा जाना काफी लाभप्रद होता है।

 

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है – Increases immunities.

 

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प्रतिरोधी क्षमता हमें बीमारियों से लड़ने एवं अनेक प्रकार के बीमारियों से बचाने का कार्य करता है। शरीर की प्रतिरोधी क्षमता के कमजोर होने पर व्यक्ति बहुत ही जल्द छोटी-छोटी बीमारियों से ग्रसित होने लगता है। ऐसे में नियमित रूप से केले खाने से फायदा होता है। पके हुए केले मेें अनेक प्रकार विटामिन्स

 

पके हुए केले में अनेक प्रकार के विटामिन्स और खनिज पाये जाते हैं। इसमें मुख्य रुप से विटामिन A, विटामिन B6, विटामिन C, आयरन, मैग्निशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, जिंक फैट और अन्य तत्व भी पाये जाते हैं, जो कि शरीर की विभिन्न जरूरतों की पूर्ति करने में सामर्थ्य होते हैं और शरीर की प्ररतिरोधी क्षमता बढ़ाने का कार्य करते हैं।

 

अनिद्रा में लाभदायक -Beneficial in Insomnia.

 

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अनिद्रा कि स्थिति में इंसान पर्याप्त निंद नहीं ले पाता है और जब निंद पर्याप्त न हो तो ऐसे में मन का अशांत होना स्वभाविक हो जाता है, और वह अपने कार्यों का सही तरीके से निष्पादन करने, सही समय पर सही निर्णय लेने में असमर्थ होने लगता है। इसके साथ ही अनिद्रा की वजह से स्वास्थ में भी गिरावट होने लगता है।

 

तो अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर केला अनिद्रा में कैसे लाभदायक हो सकता है। जी हाँ जरुर लाभदायक हो सकता है, क्योंकि पके हुए केले में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन नामक एंजाइम पाये जाते हैैं, जो पर्याप्त नींंद लेने मेंं सहायता करते हैैं एवं इसमेें पाये जाने वाला मैग्निशम शरीर की मांसपेेेशियों को आराम देने का कार्य करता है। अतः नियमित रुप से केला खाने का फायदा यह भी है, कि अनिद्रा जैसी परिस्थिथितियों मेंं लाभ पहुुँँचाता है।

 

पेप्टिक अल्सर में फायदेयंद -Beneficial in Peptic ulcer.

 

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पेप्टिक अल्सर (peptic ulcer) जिसे अमाशय का अल्सर या गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है। पेप्टिक अल्सर यानी पेट का अल्सर एक ऐसी समस्या है, जो समय रहते ठीक न किया गया तो धीरे-धीरे गंभीर बीमारी का रुप ले सकता है। इसमें मनुष्य के छोटी आंत में दर्द की शिकायत रहती है।

 

केला खाने का फायदा – पेप्टिक अल्सर में लाभ । पेेप्टिक अल्सर में पका हुआ केला और कच्चा केला दोनों लाभकारी होते हैं। क्योंकि पका हुआ केला में फाईबर पाया जाता है। फाईबर एंटिबायोटिक दवाईयों के दुष्प्रभाव को कम करने के सााथ-साथ आंंत्र समारोह को नियंत्रित करते हैैं एवं पेट के अल्सर केे प्रभाव को कम करते हैं।

 

पेप्टिक अल्सर या गैस्ट्रिक अल्सर में पके हुए केले के अपेक्षा कच्चा केला ज्यादा मददगार होता है। क्योंकि कच्चे केलों में pectin एवं phosphatidylchloline पाये जाते हैं जो गैस्ट्रिक अल्सर के दुष्प्रभाव को कम करते हैं।

 

इसके साथ ही केले के गुद्दों में leucocyanidin (C15H14O7) पाया जाता है जिसके वजह से केलों को मोटापा मिलती है। यह leucocyanidin एंटी-अल्स होता है जो आंंत्र मेंं गैस के प्रभाव को कम करता है

 

अतः जिन्हें गैस्ट्रिक अल्सर की शिकायत होती है, उनके लिए प्रतिदिन तीन (3) पका हुआ केला खाना फायदेमंद होता है।

 

वजन बढ़ाता है – For weight gain.

 

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दुबले-पतलों के लिए केला खाने का फायदा – जो लोग बहुुत ही दुबले-पतले हैं और वे अपना वजन बढ़ाना चाहते हों तो नियमित रुप से केला खानेे से उनका वजन बढ़ना शुरुु हो जाता है।

 

जी हाँ, ये बात बिल्कुल सत्य है, कि केला वजन बढ़ाने (weight gain) 100% कारगर साबित होता है। क्योंकि यह एक मल्टिविटामिन्स फल होने के साथ-साथ इसमें खनिज भी पाये जाते हैं, जो शरीर के लिए जरुरी होते हैं।

 

प्रतिदिन नास्ते के बाद दूध के साथ 2-3 केला खाने से एक महीना में ही आपको फर्क नजर आने लगेगा।

 

मानसिक तनाव दूर करने में – For mental stress.

 

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आजकल भाग-दौड़ की जिंदगी में लोग तरह-तरह के तनावों से ग्रस्त रहते हैं और तनाव ग्रस्त जीवन व्यक्ति के स्वभाव को चिड़चिड़ा बना देता है। अगर आप भी तनाव ग्रस्त रहते हैं तो आप भी कल से प्रतिदिन 1-2 दो केला खाना शुरू कर दीजिये।

 

केला खाने का फायदा – तनाव मुक्त रहिये। तो क्या सचमुच केेला खाने से आदमी तनाव मुुुक्त हो जाता है ?

 

तो इस प्रश्न का उत्तर यह है, कि केला आपके जिंदगी के उलझनों को दूर तो नहीं कर सकता है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे कुछ ऐसे तत्व पाये जाते हैं जो आपके मानसिक तनाव को दूर करने में आपकी मदद कर सकते हैं। तो कौन – कौन से हैं वो तत्व आइये इसकी जानकारी लेते हैं।

 

इसमें विटामिन B, B6, ट्राइप्टोफॉन एवं एमीनो एसिड पाये जााते हैं और एक रिसर्च केे अनुुसार Vitamin B6, ट्राइप्टोफॉन एवं एमीनो एसिड मानव मस्तिष्क को रिलेक्स प्रदान करते हैं।

 

बवासीर में लाभदायक -Beneficial in Hemorrhoids.

 

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बवासीर एक बहुत ही खराब बीमारी है, जिसमे मनुष्य को उसके मनपसंद चीजों को चाह कर भी नहीं खा पाता है। यह बीमारी जानलेवा तो नहीं है, पर इससे मनुष्य अवश्य ही परेशान रहता है।

 

वैसे तो इसके कई उपचार हैं, लेकिन केले से बवासीर का देशी उपचार बहुत ही कारगर है।

 

इसके लिए बवासीर के रोगी को पका हुआ केला में चीरा लगाकर , उसके अंदर एक कपूर रख कर 15-20 दिनों तक खाली पेट नियमित रुप से खाने से बवासीर जैसी बीमारी का सत्यानाश हो जाता है।

 

केले से उपचार के घरेलू नुस्खे

 

क्या आप जानते हैं, कि विटामिन्स, खनिज एवं एंजाईम्स से भरपूर केला (banana) खाने से जितना स्वास्थवर्धक एवं फायदेमंद होता है, इसके अलावा केले का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के घरेलू उपचारों के लिए भी किया जाता है । तो चलिए आगे पढ़ते हैं, कि किस तरह से और कौन-कौन से घरेलू उपचार के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

 

इसके घरेलू उपचार की विधियाँ निम्नलिखित हैं।

 

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  1. जलने पर जले हुए स्थान पर केले को मैश (mash) कर लगाने से जलन में आराम और शांति मिलती है।
  2. चोट लगने से खून का निकलना बंद न हो तो केले का डंठल का रस लगाने से खून का निकवना बंद हो जाता है।
  3. मुँह में छाले पड़ जाने पर गाय के दूध से बने दही में केला को मैश कर 1-2 तक खाने से मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।
  4. पित्त होने पर पका हुआ केला देशी घी में मैश कर (मसल कर) खाने से पित्त शांत हो जाता है।
  5. एड़ियों के फटने पर पका हुआ केला मसल कर लगायें एवं 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो डालें । ऐसा 3 दिन करने से फटी हुई एड़ियाँ ठीक हो जाती हैं।
  6. अत्यधिक शराब पीने से हैंग ओवर होने पर केले का जूस (banana shake) बनाकर पियें, इससे हैंग ओवर उतर जाता है।
  7. केला खाने से शरीर एवं आंत्रो के सूजन चले जाते हैं।
  8. मधु मक्खी या हड्डा के काटने या डंक मारने पर उस जगह पर केला के छिलका के अंदर वाले भाग को रगड़ने से दर्द, जलन और खुजली में आराम मिलता है।

 

Banana as a skin care – त्वचा की देख-भाल के लिए

 

केला में विभिन्न प्रकार के विटामिन्स एवं खनिज (minerals) होते हैं जो आपकी त्वचा को खुबसुरत बनाने में काफी लाभदायक होते हैं। इससे कम खर्च में ही घर पर बाजार में मिलने वाले मॉस्चराईजर से अच्छा घर पर ही बनाया जा सकता है।

 

Normal Skin के लिए:-

 

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पके हुए केले को मैश कर एक चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बनायें और आँखों को छोड़कर बाकी चेहरे पर लगायें। 20-25 मिनट बाद गुनगुना पानी से धोयें , चेहरे पर निखार आ जायेगा।

 

Dry skin के लिए:-

 

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अगर आपका चेहरे का स्कीन ड्राई है तो एक पका हुआ केला को मैश कर आधा चम्मच शहद, एक चम्मच दही और विटामिन E एक कैप्सूल अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट तैयार करें।

 

बनाये हुए इस पेस्ट को आँखों को छोड़कर चेहरे के बाकी हिस्सों पर लगायें एवं 25 मिनट तक सुखने दें। 25 मिनट बाद गुनगुने पानी से धोयें। आपका ड्राई स्कीन वाला चेहरा चमक उठेगा।

 

Anti aging मॉस्चराईजर बनायें:-

 

  1. पका हुआ केला विटामिन C पाया जाता है। विटामिन C त्वाचा मेें कोलेेजन (collagen) बढ़ाता है जो चेहरे से झुर्रियाँ हटाने का काम करता है।
  2. एक पका हुआ केला, 2 चम्मच गुलाब जल अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे एवं गर्दन पर आराम से लगायें। 20 मिनट बाद नॉरमल पानी से धोयें। ऐसा सप्ताह में 2-3 बार करने से आपके चेहरे से झुर्रियाँ गायब होने लगेंगी और चेहरे से एंटी एजिंग का प्रभाव कम होने लगेगा।
  3. पका हुआ केला आधा, एक चम्मच नीबू का रस दोनों को मिलाकर पेस्ट बना लें। पेस्ट को चेहरे एवं गर्दन पर अच्छी तरह से लगायें । 20-25 मिनट बाद नॉरमल पानी से धोयें । चेहरा निखार से चमक उठेगा।
  4. 1/2 पका हुआ केला, 1/3 टी-स्पून शहद, 1/2 टी-स्पून चंदन पॉऊडर एवं दो चम्मच कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बनायें। पेस्ट को आँखों को छोड़कर गर्दन एवं चेहरे पर लगायें एवं 20-25 मिनट बाद गुनगुना पानी (lukewarm water) से धो लें। चेहरा खिल उठेगा।

 

चेहरे से डेड सेल्स हटाने के लिए -For dead cells:-

 

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चेहरे से dead cells (मृत कोशिकाओं) को हटाने के लिए एक पका हुआ केला, विटामिन E का एक कैप्सूल, एक चम्मच चीनी एवं एक चम्मच दूध अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को चेहरे एवं गर्दन पर स्क्रब करें। सूखने पर नॉरमल पानी से धो लें। सप्ताह मेें ऐसा 2 दिन करने से चेहरे से dead cells समाप्त होकर नये cells बनना शुरू हो जायेंगे और निखरा एवं चमकता हुआ चेहरा फिर से दिखेगा।

Conclusion:- दोस्तों आशा करता हूँ कि मेरे द्वारा केले  से संबंधित शेयर की गई यह जानकारी आपके लिए ज्ञान वर्धक एवं अच्छी लगी होगी। मुझे इस तरह के और posts लिखने में आपका योगदान सहायक होगा और नये पोस्ट लिखने के लिए मुझे प्रेरित करेगा। अगर यह पोस्ट आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों एवं अन्य लोगों के साथ अवश्य ही शेयर करें।  धन्यवाद !! 

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