हाई ब्लड प्रेशर कम करने के 16 प्रभावी तरीके (16 Effective ways to lower blood pressure)

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हाई ब्लड प्रेशर यानी कि उच्च रक्त चाप या हाईपरटेंशन (HTN) को साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह एक ऐसा बीमारी है जिसके शुुरुआती लक्षणों सेे कुछ पता नहीं चलता एवं यह हृदय रोग को बहुत ही बुरी तरह से बढ़ाता है। हाई ब्लड प्रेशर इतना खतरनाक होता है, कि इसकेे प्रभाव से मनुुुष्य की जान तक चली जाती है।

Business-standard के द्वारा 16 October 2020 के पोस्ट में प्रकाशित किया गया है:-

साल 2019 के हिसाब से भारत में मृत्यु के लिए पांच मुख्य कारक- 1. वायु प्रदुषण- मृत्यु 1.67 million (अनुमानित), 2. उच्च रक्तचाप- मृत्यु 1.47 million , 3. तंबाकु का उपयोग – 1.23 million, 4. नाशन- मृृृत्य 1.18 million और 5. उच्च स्तर – मृत्यु 1.12 million

स्रोत- Business-standard.com

विश्व स्वास्थ संगठन (WHO) के एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुल मौतों का 63% मौतेंं गैर-संंक्रामक रोगोंं (non-communicale disease) के कारण होती हैं, जिसमें 27% मौतेंं हृदय रोग के कारण होती हैंं। जिसमें से 45% लोग 40-69 वर्ष की आयु के होते हैं जो high blood pressure यानी कि उच्च रक्त चाप से ग्रसित होते हैं। WHO ने यह भी उल्लेखित किया है, कि हाई ब्लड प्रेशर cardiovascular diseases (CVDs) के लिए सबसे महत्वपूर्ण जोखिमों में से एक है। इसके अलावा, अलावा हाई ब्लड प्रेशर के बारे में कम जागरुकता, प्राथमिक देखभाल की भी कमी हाई ब्लड प्रेशर से होने वाले मौतों के कारण हैं।

ब्लड प्रेशर मापने का तरीका:-

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ब्लड प्रेशर को पारा(HG) यानी की mercury के मिलिमीटर में मापा जाता है, जिसे mm HG के रुप में लिखा जाता है या denote किया जाता है।

ब्लड प्रेशर के माप में दो संख्याएँ शामिल होती हैं जिसमें एक रक्त चाप के उपरी स्तर तथा दूसरा नीचले स्तर को दर्शाता है।

सिस्टोलिक रक्तचाप (systolic blood pressure) :-

ब्लड प्रेशर मापते समय जब आपका दिल (heart) धड़कता है तो उपरी संख्या आपके रक्त वाहिकाओं में दबाव को दर्शाता हैै।

The top number represents the pressure in your blood vessels when your heart beats is termed as Systolic blood pressure.

डायस्टोलिक रक्तचाप (Diastolic blood presure):-

ब्लड प्रेशर मापते समय नीचली संख्या धड़कनों के बीच आपके रक्त वाहिकाओं में दबाव को प्रदर्शित करता है जब आपका दिल (heart) आराम कर रहा होता है।

The bottom number represents the pressure between your blood vessels between beats when your heart is resting, known as diastolic blood pressure.

Blood pressure इस बात पर निर्भर करता है, कि आपका हृदय (heart) कितना रक्त पम्प करता है और आपके धमनियों (arteries) में रक्त प्रवाह के लिए कितना प्रतिरोध है।

धमनी (arteries) जितना संकरा होगा ब्लड प्रेशर उतना ही ज्यादा होगा और एक स्वस्थ हृदय होने के लिए धमनियों में रक्त प्रवाह का प्रतिरोध कम से कम या शून्य होना चाहिए।

स्टैंडर्ड blood pressure 120/80 mm Hg होता है | 120/80 mm Hg से कम blood pressure नॉरमल माना जाता है जबकि 130/90 mm Hg हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है।

एक समान्य ब्लड प्रेशर रीडिंग के लिए systolic pressure 90 से 120 के बीच और diastolic pressure 60 से 90 के बीच होना चाहिए। यानी कि ब्लड प्रेशर 120/80 mm HG और 90/60 mm HG के बीच के रीडिंग को नॉरमल माना जाता है।

अगर ब्लड प्रेशर रीडिंग में systolic pressure 120 से ज्यादा और 130 से कम है और diastolic pressure 80 से नीचे है तो आपका ब्लड प्रेशर elevated zone में आता है जिसमेें सिर्फ खान-पान, जीवन शैली में सुधार करने की आवश्यक्ता है । वहीं अगर systolic pressure 130-140 के बीच और , diastolic pressure 80-89 के बीच है तो आप high blood pressure stage 1 में हैं और ऐसे मेें आपके डॉक्टर आपको एक-दो दवाईयों के साथ -साथ खान-पान मेें परहेज, जीवन शैली में कुछ सुधार लाने की सलाह देते हैं।

Blood pressure readings की एक image नीचे दिखाया गया है इसके माध्यम से आप अपने ब्लड प्रेशर एवं heart के हेल्थ को समझ सकते हैं।

Blood pressure readings

भारत में 5 में से हर एक व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर का शिकार है। हाईपरटेंशन होने का सबसे मुख्य कारक है गलत जीवन शैली (life style) सही खान-पान का सेवन न करना होता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर elevated zone में है या फिर high blood pressure stage 1 में है तो आप अपने जीवन-शैली में कुछ तरीकों को follow कर अपने ब्लड प्रेशर को कम कर नॉर्मल कर सकते हैं।

तो आईये जानते हैं कि वे तरीके कौन-कौन से हैं, जिनको अपना कर ब्लड प्रेशर या रक्तचाप को समान्य किया जा सकता है।

दैनिक activities एवं exercise को बढ़ावा दें

woman running on pathway
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Exercise करते वक्त साँस लेने की आवश्यक्ता पड़ती है। Regular exercise हृदय (heart) में रक्त पंप करने और साँस लेने की दर नियमित रुप से बढ़ जाती है जिससे समय के साथ हृदय मजबूत होता है जिससे रक्त पंप करते समय हृदय को कम मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय की धमनियों पर कम दबाव पड़ता है और blood pressure को कम करता है।

दिल को healthy रखने एवं blood pressure को कम करने के लिए कितनी activities करनी चाहिए ?

American College of Cardiology (ACC) और American Heart Association (AHA) की वर्ष 2013 की एक रिपोर्ट के अनुसार 40 मिनट तक मेडियम से हाई लेवल तक की activities सप्ताह में चार दिन पर्याप्त होती हैं।

ACC एवं AHA अपने रिपोर्ट मेें यह भी कहा है, कि अगर एक साथ 40 मिनट का समय निकाल पाना संंभव न हो तो पूरे दिन में 3-4 बार में 10-15 मिनट तक activities करना और अच्छा होता है।

दैनिक activities में क्या करना चाहिए ?

ऐसा नहीं है, कि आपको रोजाना ही hard work करने की आवश्यक्ता होती है। अगर कोई hard exercise करना पसंद करता है तो यह अच्छी बात है और अगर कोई hard work नहीं करना चाहता है तो वह Daily activity के तौर पर निम्नलिखित तरीके आजमा सकते हैं।

  • बार-बार एवं लगातार सिढ़ियों पर चढ़ने-उतरने का अभ्यास करना।
  • Morning walk तेजी के साथ करना।
  • Cycling करना
  • घर के कार्यों को नौकर या दाई के बजाए खुद से करना।
  • बागवानी करना।
  • शारिरिक activity वाले गेम खेलना। जैसे- football, cricket, badminton, hockey, tennis, Volley-ball, Tai Chi, Golf इत्यादी।
  • रस्सी कूदना।
  • दौड़ना

इन सब के अलावा और भी ऐसे कई activities हैं जो आपको अच्छे लगे आप उन्हें कर सकते हैं।

Blood pressure को कम करने के लिए 2014 में विभिन्न प्रकार के exercise का review करने पर यह पाया गया कि ऐसे कई प्रकार के exercise हैं जो blood pressure को कम करने में सहायक हैं। जैसे Aerobic exercise, resistance training, high-intensity interval training या फिर दिनभर में 10000 (दस हजार) कदम चलने से blood pressure को कम किया जा सकता है। देखें

Loose Your Weight (वजन कम करें)

focused young overweight woman touching stomach in gym
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अगर व्यक्ति का वजन ज्यादा है तो 3 – 5 Kg तक वजन कम करने से भी blood pressure रीडिंगस में कमी आती है।

विभिन्न प्रकार के research का review 2016 में करने पर यह पाया गया है, कि weight कम करने वाले diets से systolic pressure को 3.2 mm HG एवं Diastolic pressure को 4.5 ,mm HG तक कम किया जा सकता है।

आहार में sugar एवं refined carbohydrate को कम करें

Sugar & processed carbs diets

कई वैज्ञानिक अध्ययनों से यह पता चला है, कि sugar और refined carbohydrate के उपयोग में कमी कर blood pressure को कम किया जा सकता है।

वर्ष 2010 में low carbohydrate (low -carbo) और low fat deit में किये गये एक तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है, कि कुछ लोगों को low-carbohydrate diet एवंं कुुछ को low-fat diet के साथ diet drugs दिया गया। जिसमें से दोनो ही ने वजन कम करने मेें मदद की, लेेेकिन low-carbohydrate diet खाने वालों का ब्लड प्रेशर low–fat diet खाने वालों की तुलना में कम था।

Low-carbohydrate diet खाने वालों के blood pressure में पायी गयी कमी- systolic pressure में 4.5 mm HG एवं Diastolic pressure में 5.9 mm HG की कमी पायी गयी। जबकि low-fat diet वालों के systolic pressure में 0.4 mm HG तथा Diastolic pressure में मात्र 1.5 mm HG की ही कमी पायी गयी। Report देखें

साल 2012 के एक क्लिनिकल अध्ययन में low-carbohydrate diet और heart disease risk के analysis में यह देखा गया कि ये diet , Systolic pressure को 3.10 mm HG एवं Diastolic pressure में 4.81 mm HG की कमी पायी गयी। Report देखें

Processed Food खाने से बचें

Processed foods

Processed foods :- बाजारों से आने वाले डब्बा बंद, पैकैट, खाद्य पदार्थ को अलग-अलग flavours में बदला जाना, केेेमिकल तरीके से मीट, fish एवंं अन्य खाद्य पदार्थ जिनको संंरक्षित कर पैकट मेंं बंद किया जाता है जिनका इस्तेमाल बाद के दिनों में खानेे के लिए किया जाता है ऐसे सभी खाद्य पदार्थ processed Food कहलाते हैं। जैसे- पास्ता, बर्गर, पीजा, ब्रेड, केक, बिस्किट, डब्बा बंंद मीट, source, chips इत्यादि।

processed foods में नमक, चीनी, refined carbohydrate की ज्यादा मात्रा पायी जाती है। हाँलाकि कुछ processed foods हेल्दी भी होते हैं लेकिन ज्यादातर unhealthy होते हैं। Low-fat का दावा करने वाले processed foods में salt, sugar एवं refined carbohydrate की मात्रा ज्यादा होती है जो आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाने के कारक होते हैं।

खाने में अधिक पोटैशियम और कम सोडियम वाले आहर शामिल करें

High potassium & low sodium foods

Blood pressure को कम करने के लिए खाने में पोटैशियम ज्यादा और कम नमक का प्रयोग काफी प्रभावकारी एवं लाभदायक होता है। देेेखें एक report

पोटैशियम दो तरह से फायदा करता है। पहला कि यह शरीर में नमक यानी कि सोडियम के प्रभाव को कम करता हो और दूसरा यह कि यह रक्त वाहिकाओं (blood vessels) में तनाव को कम करता है।

ऐसे बहुत सारे खाद्य पदार्थ बहुत हैं जिनमे प्राकृतिक रुप से पोटैशियम विद्यमान होते हैं। कुछ उदाहरण नीचे दिये गये हैं।

  • low – fat वाले दूध, दही
  • मछली
  • fruits – पपीता, केला, संतरा, खुबानी(apricot), muskmelon(पीला खरबुज या ललमी)
  • आलू, beans, टमाटर, पालक

ये सभी फल एवं सब्जियाँ आसानी से मिलने वाली हैं और इनका इस्तेमाल सभी घरों में किया जाता है।

Note:- जिन्हें किडनी संबंधित बीमारी हो वे ज्यादा पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थ लेने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श लें।

Smoking बंद कर दें

man in white dress shirt smoking
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अगर आप Smoking कर रहे हैं तो इसे तुरंत छोड़ दे। Smoking की आदत छोड़ देने से यह आपके स्वास्थ के लिए हर तरह से अच्छा होता है। हाँलाकि smoking का प्रभाव हृदय पर तुरंत असर करता है, जो blood pressure एवं हृदय की गति को अल्पकालिक बढ़ाता को बढ़ाता है।

लेकिन एक अध्ययन में यह पाया गया है, कि जो लोग धूम्रपान करने के आदि होते हैं उनके blood pressure में 6% और heart rate में 14% तक की बढ़ोतरी हो जाती है। देखें एक report

लबें समय तक धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से हृदय के रक्त वाहिका के दिवारों (blood vessels walls) में सूजन आने की संभवनाएँ बढ़ जाती हैं , LDL cholesterol की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे blood vessels संकीर्ण हो जाती हैं। इसके वजह से हृदय में रक्त का संचार सुचारू रूप नहीं हो पाता है और हृदय को रक्त पंप करने में काफी जोर लगता है, जिसकी वजह से blood pressure बढ़ जाता है। report देखें

अनावश्यक तनाव से खुद को दूर रखें

desperate evicted male entrepreneur standing near window
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वैसे तो life में अनावश्यक तनाव (unnecessary tension) लेना किसी के लिए अच्छा नहीं होता है। लेकिन कोई अगर high blood pressure से ग्रसित है तो उसे तो बिल्कुल ही जमाने के unnecessary tension से खुद को देर रखना चाहिए।

राजनीतिक मामले, workplace के डिमांड और घरेलू डिमांड ये सब आम समस्याएँ हैं जो मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं और blood pressure का स्तर बढा़ने का कार्य करते हैं। इनके प्रभाव को शूूू्न्य करने के लिए बहुत सारे तरीके हैैं जिनमें से कुछ नीचे बताये गये हैंं।

योग और मेडिटेशन करें

woman meditating in lotus pose
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मेडिटेशन यानी की ध्यान जिसमें मन को एकाग्रचीत कर ध्यान लगाने से मस्तिष्क एवं चित को शांति की प्राप्ति होती है जिससे कि आपको तनाव कम करने में मदद मिलती है।

योग क्रिया में श्वास लेना और श्वास छोड़ने के माध्यम से श्वास पर नियंत्रण करने, मुद्रा और ध्यान संबंधित तकनीक शामिल है। योग के द्वारा भी blood pressure को कम करने में सहायता मिलती है।

2014 में किये गये एक अध्ययन में यह पाया गया है, कि योग एवं मेडिटेशन करने सेr 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के रक्तचाप को कम करने में सहायता मिली है। Report देखें।

पर्याप्त नींद लें

photo of sleeping man
Photo by Andrea Piacquadio on Pexels.com

जब व्यक्ति सोया हुआ रहता है तो समान्यतः उसका blood pressure कम होता है और अगर नींद पर्याप्त न हो तो ब्लड प्रेशर बढ़ता भी है। अतः प्रयाप्त और अच्छी नींद रक्तचाप के लिए बहुत ही आवश्यक है। जिन लोगों को दैनिक जीवन में नींद की कमी महसुस होती है, खासकर अत्यधिक कार्य करने वाले लोग उनका रक्तचाप ज्यादा पाया जाता है।

पर्याप्त और अच्छी नींद रात में ही लेने की कोशिश करें। अपने कार्यों का बटवारा इस प्रकार से करें कि आप रात में आराम से सो सकें और हाँ कोशिश करें कि आप दिन में न सोयें।

कितनी नींद लेना आपके हृदय के लिए सही है ? अगर आप प्रतिदिन रात में 5 घंटा सोने की आदत डालते हैं तो यह आपकेे हृदय के लिए थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। The National Sleep Heart Health Study के अनुसार एक वयस्क के लिए 7 घंटा से कम और 8 घंटा से ज्यादा नींंद लेना blood pressure को बढ़ाने का कारक हो सकता है। देखें

खाने में लहसुन(garlic) को महत्व दें

onions and garlic heads in wooden box on table
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खाने के साथ लहसुन खाये या फिर सुबह खाली पेंट कच्चा लहसुन खाना , ब्लड प्रेशर को कम करता है। लहसुन में बायोएक्टिव सल्फर यौगिक S-allylcysteine पाया जाता है जो high blood pressure में systolic pressure को 10 mm HG एवं Diastolic pressure को 6 mm HG तक कम करता है। शरीर में सल्फर की कमी से भी blood pressure बढ़ने लगता है, और लहसुन सल्फर का एक बहत ही अच्छा श्रोत है। पढ़ें लहसुन और ब्लड प्रेशर पर किये गये एक अध्ययन को।

स्वस्थ उच्च प्रोटिन युक्त आहार लें।

Protein foods

American journal के रिपोर्ट के अनुसार -Bostun University School of Medicine के researchers के द्वारा एक अध्ययन में यह पाया गया है, कि जो लोग प्रतिदिन 100 gm प्रोटिन खाते हैं उनमें, प्रोटिन न खाने वालों की तुलना में high blood pressure का जोखिम 40% तक कम पाया गया है। Report देखें।

अन्य कई अध्ययनों ने भी यह स्पष्ट किया है, कि उच्च स्तर के प्रोटिन का सेवन शरीर में उत्तको (tissues) के निर्माण एवं मरम्त के साथ -साथ चयापचय (metabolic) प्रक्रिया के लिए भी फायदेमंद होता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायता करता है। देखें

अब आप सोच रहे होंगे कि प्रतिदिन 100 gm प्रोटिन कैसे खाया जाये तो इसका जबाव बेहद सरल है। दैनिक आहार के रुप में इस्तेमाल किये जाने वाले ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जो highly protein enrich होते हैं। इनमें से कुछ पौधों और कुछ जीवों द्वारा पाये जाते हैं।

  • मछली – Salmon
  • अंडा
  • chicken breast
  • beef
  • दाल
  • beans
  • Corn (मक्का)
  • cauliflower (फूलगोभी)
  • Chinese cabbage
  • Oats (जई)
  • अमरूद (guava)
  • मटर (peas)
  • Almond (बादाम)
  • Milk इत्यादि।

Blood pressure कम करने वाले supplements का इस्तेमाल करें

Supplements

High blood pressure कम करने के प्रभावी तरीके – कुछ ऐसै supplements हैं जो आसानी सेे उपलब्ध हो जाते हैं साथ ही इन supplements के पक्ष मेें medical science भी दावा करता है, कि ये high blood pressure को low करने में कारगर होते हैं। आईये जानते हैं, कि ये supplements क्या-क्या हैं ?

Whey protein – यह दूध से बनने वाला उत्पाद है जो पॉउडर के रुप में डब्बों मेें आता है।यह दूध से बनने वालेे छाछ या मठ्ठा में भी पाया जाता है। Whey protein , हाई ब्लड प्रेेेशर को कम करने मेें बहुत ही प्रभावी होता हैै। यह बहुत ही आसानी से पचता भी है। इसके सेवन से और बहुत प्रकार के लाभ होते हैं। जिम जाने वालेे लोग खास तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैैं।

Omega 3 :- Omega 3 fatty acid शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक है। यह समुद्री मछलियों एवं कुछ कुछ plant oil में पाया जाता है। यह कोशिका झिल्ली का एक महत्वपूर्ण घटक होता है। इससे शरीर को ऊर्जा देने के साथ साथ heart, रक्त वाहिका (blood vessels), फेफड़ा (lungs), brain के लिए काफी महत्वपूूर्ण एवं लाभदायक होता है। इसके इस्तेमाल से systolic pressure को 4.5 mm Hg एवं diastolic pressure को 3.0 mm Hg तक कम किया जा सकता है। Report देखें।

Magnesium :- कई अध्ययनों में यह पाया गया है, कि मैग्निशियम की कमी सेे ब्लड प्रेशर के स्तर में बढ़ोतरी होती है। बल्ड प्रेेेशर के स्तर को बढ़ने से रोकने के लिए मैग्निशयम का भी सेवन आवश्यक है। देखें

L- Citrulline :- यह प्रोटिन रहित एक amino acid है, जो रक्त वाहिकाओं को healthy रखने के साथ-साथ high blood pressure को कम भी करता है। मेेेडिकल साइंस मेें blood pressure एवं हृदय रोगियों के लिए इसे बहुुत ही प्रभावकारी एवंं side effect रहित माना जाता है। Report देखें।

Coenzyme Q10 :- Coenzyme Q10 विटामिन की तरह एक एन्जाइम है जो कोशकीय ऊर्जा के निर्माण मेंं महत्वपूर्ण होता हैै। High blood pressure से ग्रसित लोगों के लिए Coenzyme Q10 supplement एक तरह का वरदान माना जाता है। USA केे National Library of Medicine के अध्ययन में यह खुलासा किया गया हैै, कि Coenzyme Q10 supplement (आहार पूरक) के इस्तेेेमाल से systolic pressure को 17 mm Hg एवं diastolic pressure को 10 mm Hg तक कम किया जा सकता है। Report देखें।

Try these herbs.( इन जडी़-बूटियों को आजमायें)

Herbs for lower BP

भले ही आज के दौर में तरह-तरह की दवाईयों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह भी एक सत्य है, कि जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल सदियों से चली आ रही हैं। आज विज्ञान के दौर में भी कई ऐसी बीमारियाँ हैं जिनके ईलाज के लिए जड़ी-बूटि (herbs) बहुत ही कारगर और सुरक्षित माना जाता है। मेडिकल साइंस भी कई प्रकार की वनस्पतियों की खोज कर चुका है जो अलग-अलग पुराने बीमारियों (chronic diseases) के ईलाज में काफी कारगर साबित होते हैं। यहाँ पर high blood pressure को कम करने के लिए कुछ ऐसे ही जड़ी-बूटीयों (herbs) के नाम बताए जा रहे हैं जिनका इस्तेेमाल high blood pressure को कम करनेे मेें सहायक होता है।

  • ginger root (अदरक)
  • sesame oil (sesamum indicum) – तिल का तेल
  • gaint doddar (visita reflex) – अमरबेल या दोदार
  • Indian plantago (blond psyllium) – ईसबगोल
  • celery juice (Aprium vreveolens) – अजमोद या अजमोदा (Ajmoda)
  • Tomato extract – टमाटर का अर्क या जूस
  • Green tea या Oolong tea
  • River Lilly (crinum glaucum)
  • maritime pine bark (pinus pinaster) – समुद्री देवदार का छाल
  • chinese hawthorn (crataegus pinnatifida) – क्रेटागस
  • Black bean (Castanospermum)

कैफीन का सेवन कम करें

कैफीन (caffeine) नामक रसायन जो मुख्य रूप से काफी में पाया जाता है, इसके कई लाभ भी हैं। यह सेहत के लिए अच्छा भी माना जाता है। पर कहते हैं न कि excess of everything is bad. इसके ज्यादा इस्तेमाल से भले ही कम समय 45-60 मिनट तक के लिए ही blood pressure को बढ़ाता है लेकिन यह ब्लड प्रेशर को बढ़ाता तो है। अगर आपको high blood pressure की शिकायत रहती है तो आपको लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में कैफीन (कॉफी) का सेवन नहीं करना चाहिए। हाँलाकि अध्ययनों के अनुसार इसका असर अलग-अलग व्यक्ति पर अलग-अलग होता है

Drinking कम करें

glasses with champagne placed on table
Photo by Jill Burrow on Pexels.com

शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है, यह बात सभी को ज्ञात है। लेकिन अगर एक लिमिटेशन में यानी की दिन भर में सिर्फ एक ड्रिंक यानी की 60 ml का सेवन करने से सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। वहीं अगर इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करने पर यह एक स्वस्थ व्यक्ति का भी रक्तचाप बढ़ जाता है। यदि आप high blood pressure से ग्रसित हैं तो आपको शराब छोड़ देनग चाहिए , यदि छोड़ नहीं सकते तो इसका सेवन दिन भर में 60 ml से ज्यादा नहीं करना चाहिए। देखें

डॉक्टर द्वारा लिखित दवाईयाँ नियमित रुप से लें

एक बात ध्यान रखें कि आप अपने ब्लड प्रेशर को नॉरमल रखने के लिए उपर बताये गये तरीकों को आजमा सकते हैैं जिससे एक स्वस्थ हृदय एवं नॉरमल ब्लड प्रेशर बनाये रखनेे मेें आपको सफलता मिलेगी। यदि संभव हो तो कोशिश करेें कि आपके जीवन – शैली को इस कदर बनायें कि हाई ब्लड प्रेशर सेे बचा जा सके और। आपको BP की दवाईयाँ न लेनी पड़े। क्योंकि एक समय में BP की दवा लेेेने से फिर हमेशा इनकी जरुरत पड़ने लगती हैै।

फिर भी अगर आपके हृदय के स्वास्थ को देखते हुए अगर आपके डॉक्टर ने आपको blood pressure की दवा लिखी है तो उस पर्ची पर लिखी दवाईयाँ निर्देशानुसार लगातार लें एवं उन दवाईयों की अनदेखी न करें।

Disclaimer :- इस पोस्ट में दिये गये सुझाव विशेषज्ञों द्वारा किये गये अध्ययनों के आधार पर लिखित है आपके किसी भी ह्दय रोग के ईलाज हेतू आपके डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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